हिंदी विभाग में प्रशिक्षण स्वागत कार्यक्रम का आयोजन
हिंदी विभाग, केरल केन्द्रीय विश्वविद्यालय द्वारा दिनांक 10 मार्च 2026 को प्रशिक्षण हेतु आए विद्यार्थियों के स्वागत के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रशिक्षण की उपयोगिता तथा नई शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत इसके महत्व से परिचित कराना था।
कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. राम बिनोद रे ने किया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) तारु एस. पवार, पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) मनु, सहायक आचार्य डॉ. सीमा चंद्रन तथा सहायक आचार्य डॉ. धर्मेंद्र प्रताप सिंह सहित विभाग के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) तारु एस पवार ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम नई शिक्षा नीति-2020 का एक महत्वपूर्ण अंग है, जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में व्यावहारिक कौशल और कार्यकुशलता का विकास करना है। उन्होंने वर्तमान समय में बढ़ती डिग्रियों और घटते कौशल के बीच के अंतर को रेखांकित करते हुए कहा कि केवल शैक्षणिक उपाधियाँ पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों को अपने भीतर व्यावहारिक दक्षताओं का भी विकास करना चाहिए। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को निरंतर सीखने और आत्मविकास के लिए प्रेरित किया।
पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) मनु ने विद्यार्थियों को ‘इंटर्नशिप’ शब्द के व्यापक अर्थ से परिचित कराया। उन्होंने विद्यार्थी जीवन की गंभीरता और अनुशासन पर बल देते हुए कहा कि एक जागरूक विद्यार्थी वही होता है, जो अपने प्रत्येक कार्य की गहराई और उद्देश्य को समझता है। उनका वक्तव्य विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी रहा।
सहायक आचार्य डॉ. सीमा चंद्रन ने अपने संबोधन में कहा कि आज के विद्यार्थियों में ऊर्जा, प्रतिभा और संभावनाएँ अत्यधिक हैं, किंतु बढ़ती प्रतिस्पर्धा और सीमित अवसरों के कारण उन्हें अधिक सजग, परिश्रमी और कौशलयुक्त बनने की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को समय के साथ स्वयं को निरंतर समानांतर क्रियाशील बनाए रखने का संदेश दिया।
निष्कर्ष एवं समापन
कार्यक्रम का समापन डॉ. धर्मेंद्र प्रताप सिंह के प्रेरणादायी वक्तव्य के साथ हुआ। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन के संघर्षों का उल्लेख करते हुए कंप्यूटर एवं तकनीकी कौशल के महत्व पर प्रकाश डाला।
यह स्वागत कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ। कार्यक्रम ने न केवल विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया, बल्कि उन्हें अपने भविष्य के प्रति अधिक सजग एवं सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।
रिपोर्ट लेखन - मान सिंह , प्रदुन कुमार
फोटो संकलन - इलियास, दिवाकर
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