प्रशिक्षुता कार्यक्रम के समापन समारोह की रिपोर्ट
केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिन्दी एवं तुलनात्मक साहित्य विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षुता कार्यक्रम का समापन समारोह दिनांक 30 अप्रैल 2026 को प्रातः 10 बजे, कक्ष संख्या 201, हिन्दी विभाग, सिंधु ब्लॉक में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह कार्यक्रम 10 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक संचालित किया गया था।
समारोह का शुभारम्भ स्वागत भाषण से हुआ, जिसे डॉ. राम बिनोद रे ने प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का क्रमवार स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
इसके पश्चात उद्घाटन उद्बोधन प्रो. (डॉ.) मनु द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने प्रशिक्षुओं की मेहनत की सराहना करते हुए पूर्व प्रशिक्षुओं द्वारा किए गए कार्यों से भी अवगत कराया तथा वर्तमान प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं ने अपने अनुभव साझा किए। अभिजीत वेलायुधन, अश्वती तम्बान, धनुषा, गया एम एवं अनाद्या के. ने अपने सुखद एवं प्रेरणादायक अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि विभाग के अध्यापकगणों ने उन्हें पूर्ण सहयोग प्रदान किया, साथ ही शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों का सहयोग भी उन्हें निरंतर प्राप्त होता रहा।
इसी क्रम में सभी प्रशिक्षुओं ने प्रो. (डॉ.) मनु को अपनी ओर से स्मृति-चिह्न के रूप में एक फोटो फ्रेम भेंट किया, जो इस प्रशिक्षण अवधि की यादों को संजोए रखने का प्रतीक था।
मुख्य अतिथि श्रीमती धन्या के. पी. ने अपने वक्तव्य में प्रशिक्षुओं को हिंदी भाषा के प्रयोग के लिए प्रेरित किया तथा उनके प्रयासों की सराहना की।
अध्यक्षीय भाषण प्रो. (डॉ.) तारू एस. पवार द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए भविष्य में इसे और अधिक सुव्यवस्थित एवं प्रभावी रूप से संचालित करने का आश्वासन दिया।
आशीर्वचन के रूप में डॉ. धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने प्रशिक्षुओं के साथ हुए अपने अनुभवों को साझा करते हुए उनके प्रयासों की प्रशंसा की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुप्रिया पी. द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति के प्रति आभार व्यक्त किया।
समारोह का संचालन शोधार्थी प्रियंका द्वारा सुव्यवस्थित एवं प्रभावपूर्ण ढंग से किया गया, जिससे कार्यक्रम क्रमबद्ध रूप से सम्पन्न हुआ। समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ और यह कार्यक्रम प्रतिभागियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं स्मरणीय सिद्ध हुआ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें