शनिवार, 9 मई 2026

प्रशिक्षुता कार्यक्रम के समापन समारोह की रिपोर्ट

 प्रशिक्षुता कार्यक्रम के समापन समारोह की रिपोर्ट






केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिन्दी एवं तुलनात्मक साहित्य विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षुता कार्यक्रम का समापन समारोह दिनांक 30 अप्रैल 2026 को प्रातः 10 बजे, कक्ष संख्या 201, हिन्दी विभाग, सिंधु ब्लॉक में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह कार्यक्रम 10 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक संचालित किया गया था।

समारोह का शुभारम्भ स्वागत भाषण से हुआ, जिसे डॉ. राम बिनोद रे ने प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का क्रमवार स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

इसके पश्चात उद्घाटन उद्बोधन प्रो. (डॉ.) मनु द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने प्रशिक्षुओं की मेहनत की सराहना करते हुए पूर्व प्रशिक्षुओं द्वारा किए गए कार्यों से भी अवगत कराया तथा वर्तमान प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं ने अपने अनुभव साझा किए। अभिजीत वेलायुधन, अश्वती तम्बान, धनुषा, गया एम एवं अनाद्या के. ने अपने सुखद एवं प्रेरणादायक अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि विभाग के अध्यापकगणों ने उन्हें पूर्ण सहयोग प्रदान किया, साथ ही शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों का सहयोग भी उन्हें निरंतर प्राप्त होता रहा।

इसी क्रम में सभी प्रशिक्षुओं ने प्रो. (डॉ.) मनु को अपनी ओर से स्मृति-चिह्न के रूप में एक फोटो फ्रेम भेंट किया, जो इस प्रशिक्षण अवधि की यादों को संजोए रखने का प्रतीक था।

मुख्य अतिथि श्रीमती धन्या के. पी. ने अपने वक्तव्य में प्रशिक्षुओं को हिंदी भाषा के प्रयोग के लिए प्रेरित किया तथा उनके प्रयासों की सराहना की।




अध्यक्षीय भाषण प्रो. (डॉ.) तारू एस. पवार द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए भविष्य में इसे और अधिक सुव्यवस्थित एवं प्रभावी रूप से संचालित करने का आश्वासन दिया।

आशीर्वचन के रूप में डॉ. धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने प्रशिक्षुओं के साथ हुए अपने अनुभवों को साझा करते हुए उनके प्रयासों की प्रशंसा की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुप्रिया पी. द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति के प्रति आभार व्यक्त किया।

समारोह का संचालन शोधार्थी प्रियंका द्वारा सुव्यवस्थित एवं प्रभावपूर्ण ढंग से किया गया, जिससे कार्यक्रम क्रमबद्ध रूप से सम्पन्न हुआ। समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ और यह कार्यक्रम प्रतिभागियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं स्मरणीय सिद्ध हुआ।











रिपोर्ट लेखन - आदित्य
फोटो संकलन - इलियास, दिवाकर

हिंदी विभाग में प्रशिक्षण स्वागत कार्यक्रम का आयोजन

हिंदी विभाग में प्रशिक्षण स्वागत कार्यक्रम का आयोजन





हिंदी विभाग, केरल केन्द्रीय विश्वविद्यालय द्वारा दिनांक 10 मार्च 2026 को प्रशिक्षण हेतु आए विद्यार्थियों के स्वागत के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रशिक्षण की उपयोगिता तथा नई शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत इसके महत्व से परिचित कराना था। 





कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. राम बिनोद रे ने किया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) तारु एस. पवार, पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) मनु, सहायक आचार्य डॉ. सीमा चंद्रन तथा सहायक आचार्य डॉ. धर्मेंद्र प्रताप सिंह सहित विभाग के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।




अपने अध्यक्षीय संबोधन में विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) तारु एस पवार ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम नई शिक्षा नीति-2020 का एक महत्वपूर्ण अंग है, जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में व्यावहारिक कौशल और कार्यकुशलता का विकास करना है। उन्होंने वर्तमान समय में बढ़ती डिग्रियों और घटते कौशल के बीच के अंतर को रेखांकित करते हुए कहा कि केवल शैक्षणिक उपाधियाँ पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों को अपने भीतर व्यावहारिक दक्षताओं का भी विकास करना चाहिए। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को निरंतर सीखने और आत्मविकास के लिए प्रेरित किया।





पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) मनु ने विद्यार्थियों को ‘इंटर्नशिप’ शब्द के व्यापक अर्थ से परिचित कराया। उन्होंने विद्यार्थी जीवन की गंभीरता और अनुशासन पर बल देते हुए कहा कि एक जागरूक विद्यार्थी वही होता है, जो अपने प्रत्येक कार्य की गहराई और उद्देश्य को समझता है। उनका वक्तव्य विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी रहा।





सहायक आचार्य डॉ. सीमा चंद्रन ने अपने संबोधन में कहा कि आज के विद्यार्थियों में ऊर्जा, प्रतिभा और संभावनाएँ अत्यधिक हैं, किंतु बढ़ती प्रतिस्पर्धा और सीमित अवसरों के कारण उन्हें अधिक सजग, परिश्रमी और कौशलयुक्त  बनने की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को समय के साथ स्वयं को निरंतर समानांतर क्रियाशील बनाए रखने का संदेश दिया।





निष्कर्ष एवं समापन 

कार्यक्रम का समापन डॉ. धर्मेंद्र प्रताप सिंह के प्रेरणादायी वक्तव्य के साथ हुआ। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन के संघर्षों का उल्लेख करते हुए कंप्यूटर एवं तकनीकी कौशल के महत्व पर प्रकाश डाला। 





यह स्वागत कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ। कार्यक्रम ने न केवल विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया, बल्कि उन्हें अपने भविष्य के प्रति अधिक सजग एवं सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए भी प्रेरित किया। 










रिपोर्ट लेखन - मान सिंह , प्रदुन कुमार

फोटो संकलन - इलियास, दिवाकर

शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026

हिन्दी विभाग : संवर्धन और गति



केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय  

हिन्दी विभाग : संवर्धन और गति





जनवरी 2026 से पूर्व 


विश्व हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में हिन्दी प्रतियोगिताएँ - 2026

 

विश्व हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में हिन्दी प्रतियोगिताएँ

 



केरल केन्द्रीय विश्वविद्यालय, कासरगोड के हिन्दी विभाग द्वारा 21 जनवरी 2026 को विश्व हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों और शोधार्थियों में हिन्दी भाषा के प्रति रचनात्मक अभिरुचि को प्रोत्साहित करना था। विश्वविद्यालय के सिंधु ब्लॉक स्थित हिन्दी विभाग में आयोजित इस कार्यक्रम के अंतर्गत तीन प्रमुख प्रतियोगिताएँ हिन्दी प्रश्नोत्तरी, हिन्दी कविता पाठ तथा हिन्दी गीत रखी गईं।

 

प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता



सबसे पहले हिन्दी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का सत्र आयोजित किया गया, जिसका संचालन शोधार्थी प्रदुन कुमार ने और उनका सहयोग शोधार्थी आदित्य ने किया। इस रोचक सत्र में प्रतिभागियों ने हिन्दी भाषा, साहित्य, रचनाकार एवं समसामयिक विषयों से सम्बन्धित विविध प्रश्नों के उत्तर देकर अपने ज्ञान का परिचय दिया।

 

कविता पाठ प्रतियोगिता 



प्रश्नोत्तरी के पश्चात् हिन्दी कविता पाठ प्रतियोगिता का सत्र आरम्भ हुआ, जिसका संचालन शोधार्थी नवीन कुमार शाह ने किया। प्रतिभागियों ने विभिन्न रचनाकारों की कविताओं का प्रभावपूर्ण पाठ कर हिन्दी काव्य परंपरा की समृद्धि को सामने रखा। 

 

गीत गायन प्रतियोगिता



अगला और दिन का अंतिम प्रतियोगी सत्र हिन्दी गीत गायन प्रतियोगिता का रहा, जिसका संचालन शोधार्थी मान सिंह ने किया। इस सत्र में प्रतिभागियों ने फिल्मी गीतों के माध्यम से हिन्दी भाषा-संगीत की मधुरता का वातावरण निर्मित किया 

 

समापन एवं पुरस्कार वितरण

सभी प्रतियोगिताओं के संपन्न होने के पश्चात् समापन तथा पुरस्कार वितरण सत्र आयोजित किया गया, जिसका संचालन शोधार्थी इलियास मोहम्मद ने किया। समापन सत्र का आरम्भ विश्वविद्यालय के कुलगीत के सामूहिक गायन के साथ हुआ

समापन सत्र में हिन्दी विभाग के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) तारु एस. पवार तथा पर्यटन विभाग से आमंत्रित अतिथि डॉ. सुनील तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इन्हीं के करकमलों से विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेताओं एवं प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र तथा पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर प्रो. पवार ने अपने संक्षिप्त संबोधन में विश्व हिन्दी दिवस की प्रासंगिकता तथा विभाग की शैक्षणिक व सांस्कृतिक गतिविधियों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को हिन्दी के सृजनात्मक उपयोग के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में इस कार्यक्रम के संयोजक विभाग के सहायक आचार्य डॉ. राम बिनोद रे ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन, अतिथि आचार्यों, निर्णायकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों तथा तकनीकी एवं कार्यालयीन सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए विश्व हिन्दी दिवस-2026 के सफल आयोजन को सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। इस प्रकार विश्व हिन्दी दिवस समारोह उत्साह, सहभागिता और रचनात्मकता के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ

 


रिपोर्ट लेखन – प्रदुन कुमार

फोटो – दिवाकर, मूलचंद

ब्रोशर – प्रदुन कुमार

कार्यक्रम सहयोग – मंजिमा,  लक्ष्मी

मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026

'भारतीय भाषाओं में समन्वय : समन्वय की भाषा' पर विशेष व्याख्यान


'भारतीय भाषाओं में समन्वय : समन्वय की भाषा' पर विशेष व्याख्यान






दिनांक: 23 जनवरी, 2026 को कासरगोड: केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा कक्ष संख्या 213, सिंधु ब्लॉक में  "भारतीय भाषाओं में समन्वय एवं समन्वय की भाषा" विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस गौरवपूर्ण कार्यक्रम के मुख्य वक्ता दिल्ली विश्वविद्यालय के 'भाषा विज्ञान विभाग' के पूर्व आचार्य प्रो. रमेश चंद्र शर्मा रहे हैं।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ विश्वविद्यलय कुल गीत से आरंभ हुई । कार्यक्रम का संचालन शोधार्थी प्रगति ने किया। विभाग की अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) तारु एस. पवार ने मुख्य वक्ता प्रो. रमेश चंद्र शर्मा का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। इसके पश्चात सहायकआचार्य डॉ. सीमा चंद्रन ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया और सभी अतिथियों का परिचय कराया।
​मुख्य वक्ता प्रो. रमेश चंद्र शर्मा ने भारतीय भाषाओं की शक्ति और उनकी ऐतिहासिक विरासत पर गहरा प्रकाश डाला। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे: भाषायी विविधता: 2011 की जनगणना का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि भारत में लगभग 13,369 मातृभाषाएँ हैं, जिनमें से 2100 भाषाएँ 10,000 से अधिक लोगों द्वारा बोली जाती हैं। बहुभाषिकता पर उन्होंने कहा कि भारत की लगभग 50% आबादी बहुभाषी है, जो हमारी सांस्कृतिक एकता का आधार है। ज्ञान की परंपरा: प्रो. शर्मा ने जोर दिया कि भारतीय परंपरा में 'शिक्षा ही ध्वनि' है और अनुवाद की परंपरा यहाँ अत्यंत प्राचीन रही है। मातृभाषा का महत्व: उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि, "एक से अधिक भाषाएँ सीखें, परंतु अपनी मातृभाषा को कभी न छोड़ें।"
पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) मनु (पूर्व विभागाध्यक्ष): उन्होंने भाषा विज्ञान (Linguistics) के तकनीकी पहलुओं पर बात की और अपनी स्वरचित कविता "एक संजीदगी सोच" का पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
हिन्दी अधिकारी डॉ. अनीश कुमार टी. के. (केरल केन्द्रीय विश्वविद्यालय) ने  भाषा की मानवीय संवेदना पर बल देते हुए कहा कि मनुष्य के दर्द की भाषा एक ही होती है, बाहरी रूप केवल माध्यम है।
​ हिन्दी विभाग्ग के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) तारु एस. पवार (अध्यक्षीय भाषण): उन्होंने अनुभव को 'अमृत' की संज्ञा दी और हिंदी के वैश्विक विस्तार तथा भाषायी समन्वय पर अपने विचार व्यक्त किए।
​अंत में जिज्ञासा समाधान एवं शोधार्थी संवाद हेतु व्याख्यान के उपरांत प्रश्न-उत्तर सत्र आयोजित किया गया जिसमें शोधार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई: शोधार्थी प्रियंका ने भारतीय ज्ञान परंपरा के अंग्रेजी अनुवाद पर निर्भरता को लेकर प्रश्न किया। ​मोहम्मद इलियास ने नई शिक्षा नीति (NEP) में भाषा विज्ञान के प्रावधानों और भाषायी राजनीति पर वक्ता के विचार जाने।

कार्यक्रम के अंत में सहायक आचार्य डॉ. राम बिनोद रे ने सभी वक्ताओं, शोधार्थियों और विद्यार्थियों का औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर विभाग के समस्त शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।

रिपोर्ट लेखन - शोधार्थी - मूलचन्द्र कनौजिया, मान सिंह 

कार्यक्रम के संयोजक - डॉ. सीमा चंद्रन 
            सह संयोजक  डॉ. राम बिनोद रे 


गणतंत्र दिवस समारोह, वर्ष - 2026

 गणतंत्र दिवस समारोह

केरल केन्द्रीय विश्वविद्यालय 

दिनांक 26 जनवरी 77 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय में गणतंत्र दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस समारोह के अंतर्गत नृत्य, देशभक्ति गीत तथा योग नृत्य जैसे विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत माननीय कुलपति प्रोफेसर सिद्ध पी. अलगुर द्वारा झंडा रोहण से हुयी इसके बाद सुरक्षा गार्डों और विद्यालय के बच्चों द्वारा बैंड के साथ परेड करते हुए राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी गयी। प्रोफेसर सिद्ध पी. अलगुर ने अपने संबोधन में कहा कि - आज ही के दिन 1950 में हमारा संविधान लागू हुआ जिसके तहत हमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्राप्त हुयी, इसलिए जरूरी नहीं है कि हम एक दूसरे की विचार धारा से पूर्णताः सहमत हों, उन्होंने शोधार्थियों-विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्राप्त करनी है केवल कक्षा कक्ष में प्राप्त होने शिक्षा ही नहीं उसके बाहर की कौशल आधारित शिक्षा जो हमें एक रोजगार प्रदान कर सके। इसके पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें हिंदी विभाग की ओर से डाॅ. राम बिनोद रे (सहायक आचार्य) प्रियंका जवंजाल, दिवाकर कौशिक, (शोधार्थी) ऋतुवर्णा एम. के., कीर्ति राज पी., मंजिमा पी., मौहिबा अब्दुल लतीफ, नंदिता के. वी., आयशतु सदीदह, अश्वती (स्नातकोत्तर उत्तरार्द्ध) शिव प्रसाद (कंप्यूटर साइंस) की टीम ने सामुहिक देशभक्ति गीत वंदे मातरम, ऐ वतन वतन आबाद रहे तू गीत (Patriotic Song) पर प्रस्तुति की। 

      इस कार्यक्रम में हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. राम बिनोद रे की सक्रिय उपस्थिति रही। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने तैयारी करके  प्रभावशाली प्रस्तुति दी।

इस प्रस्तुति को दर्शकों द्वारा अत्यंत सराहा गया और कार्यक्रम का वातावरण देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत हो गया।

इस कार्यक्रम ने हम सभी के भीतर देशप्रेम, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।

माननीय कुलपति प्रो. सिद्दु पी.आलगुर ने सभी प्रतिभागियों के साथ सामुहिक फोटो सेशन में भाग लिया।


   रिपोर्ट लेखन - मंजिमा पी. , स्नातकोत्तर छात्रा  

बुधवार, 14 जनवरी 2026

लैंगिक समानता के प्रति दृढ़ संकल्प

 हिन्दी विभाग, केरल केन्द्रीय विश्वविद्यालय

 लैंगिक संवेदनशीलता की शपथ : यूजीसी निर्देशानुसार शपथ ग्रहण समारोह


दिनांक 14 जनवरी 2026 को हिन्दी विभाग, केरल केन्द्रीय विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में एक विशेष शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह का मुख्य उद्देश्य लैंगिक असमानता को समाप्त करना तथा सभी क्षेत्रों में लैंगिक संवेदनशीलता और समानता को सुनिश्चित करना था।


विभागीय कक्ष में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) तारु एस. पवार, पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) मनु, सहायक आचार्य डॉ. धर्मेन्द्र प्रताप सिंह तथा डॉ. राम बिनोद रे सहित विभाग के समस्त शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहें।


समारोह के दौरान प्रो. (डॉ.) मनु ने लैंगिक समानता से संबंधित शपथ ग्रहण करवाया, जिसे सभी उपस्थित शिक्षकगण, शोधार्थी तथा विद्यार्थियों ने एक स्वर में दोहराते हुए सामूहिक रूप से ग्रहण किया। यह सामूहिक शपथ विभाग एवं विश्वविद्यालय में समावेशी, सम्मानजनक और समानतामूलक शैक्षणिक वातावरण की स्थापना की दिशा में एक सार्थक एवं प्रेरणादायी कदम सिद्ध हुई।


नीचे कुछ समान शपथ ग्रहण समारोहों की झलकियाँ दी गई हैं, जो इस प्रकार के आयोजनों की भावना को दर्शाती हैं:









रिपोर्ट लेखन - शोधार्थी प्रदुन कुमार    
फोटो - राहुल, कीर्ति (स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष)

प्रेमचंद जयंती के उपलक्ष्य भाषण प्रतियोगिता

  प्रेमचंद जयंती के उपलक्ष्य भाषण प्रतियोगिता                146 वें प्रेमचंद जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित भाषण प्रतियोगिता दिनांक 29 जुलाई ...